हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार ने संस्कृत शिक्षा एवं उसके प्रचार-प्रसार हेतु परस्पर सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए संस्कृत के संवर्धन हेतु कार्यरत प्रमुख संस्था उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थान एवं संस्कृत भारती, उत्तराञ्चल के साथ दो महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. संपन्न किए हैं।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि प्रथम एम.ओ.यू. श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय एवं उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के मध्य सम्पन्न हुआ। जिसके अन्तर्गत दोनों संस्थायें संस्कृत के विकास, प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं प्रकाशन, जनसामान्य तक संस्कृत को पहुँचाने के लिये विभिन्न प्रतिस्पर्द्धाएँ एवं नाटकों का आयोजन तथा शोध के क्षेत्र में नवीन आयाम स्थापित करने के लिये मिलकर कार्य करेंगी। एम.ओ.यू. के अन्तर्गत दोनों संस्थाएँ संस्कृत के विकास के लिये परस्पर पर एक-दूसरे के संसाधनों का निश्शुल्क प्रयोग कर सकेंगी। एम.ओ.यू. महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार तथा उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. मनोज किशोर पंत द्वारा हस्ताक्षर कर किया गया।
द्वितीय एम.ओ.यू. श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय एवं संस्कृत भारती, उत्तराञ्चल के मध्य सम्पन्न हुआ। जिसके अन्तर्गत दोनों संस्थाएँ संस्कृत भाषा एवं साहित्य के विकास एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों एवं शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं, संगोष्ठियां एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस एम.ओ.यू. में संस्कृत शिविर एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन, उच्च शिक्षा में शोधात्मक प्रवृत्ति के संवर्धन हेतु कार्य करना तथा सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित करना भी निहित है। एम.ओ.यू. महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार तथा संस्कृत भारती, उत्तराञ्चल के प्रान्त सङ्घटन मन्त्री श्री गौरव शास्त्री द्वारा हस्ताक्षर कर किया गया।
इन एम.ओ.यू. का उद्देश्य शैक्षणिक एवं शोध को बढ़ावा देना, संस्कृत भाषा एवं साहित्य का प्रचार-प्रसार करना, संयुक्त रूप से संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करना तथा संस्कृत अध्ययन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं प्रकाशन को प्रोत्साहित करना है। तीनों संस्कृत की संस्थाओं ने भारत की समृद्ध भाषायी एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
आज दिनांक 18 2.2.2026 को श्री भगवान दास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में आनलाईन विशिष्ट व्याख्यान समायोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में श्री कमलापति त्रिपाठी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चंदौली उत्तर प्रदेश के संस्कृत विभाग के सहायकाचार्य डॉ रविकांत भारद्वाज ने “काव्यप्रकाशदिशा रससूत्रविमर्श:” विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि…
हरिद्वार । श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की आई. क्यू. ए. सी. द्वारा ए ग्रेड प्रदान किया गया है। भारत सरकार के शिक्षा मन्त्रालय द्वारा देश के विभिन्न प्रान्तों में स्थित आदर्श संस्कृत महाविद्यालयों के लिए नई आदर्श संस्कृत महाविद्यालय नियमावली 2022 प्रभावी हुई है। जिसमें यह प्रावधान है…
हरिद्वार! आज श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में भगवत्पाद आद्यशङ्करचार्य की जन्मतिथि के अवसर पर भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् के सहयोग से दार्शनिक दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ वाजश्रवा आर्य ने कहा कि भारतीय दार्शनिकों में परस्पर कोई भेद नहीं है। यम, नियम,…
हरिद्वार। दिनाङ्क – 29 एवं 30 जनवरी 2026 को भारतीय भाषा समिति के आर्थिक अनुदान से श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में “भारतीय भाषा सम्मेलन” का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय भाषाओं की समृद्ध परम्परा का स्वदेशी एवं सभ्यतामूलक दृष्टिकोण से शैक्षणिक विमर्श प्रस्तुत करना है। यह सम्मेलन महाविद्यालय की प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष प्रो. यशवीर सिंह के मार्गदर्शन एवं…
हरिद्वार। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से सम्बद्ध श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार के आधुनिक विषय विभाग की प्रमुख डॉ. आशिमा श्रवण को नई दिल्ली के भरत मण्डप में भारत प्रतिभा सम्मान परिषद् द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में भारत प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनके शैक्षणिक कार्यों में उल्लेखनीय…
आज दिनांक 17/09/2025 को श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार में नव नियुक्त प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष एवं महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के पूर्व कुलपति प्रो. विजयकुमार सी.जी. के प्रथम आगमन पर महाविद्यालय में उनका स्वागत एवं अभिनन्दन हुआ। प्रो. कुमार इससे पूर्व अनेक संस्थाओं में शैक्षणिक स्तर पर उच्चशिक्षा हेतु विविध…