श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ का भव्य आयोजन
हरिद्वार। आज 07 अक्टूबर 2026 को श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय,
हरिद्वार में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनाङ्क- 14/09/2026 से
17/10/2026 तक प्रायोजित एवं चलाये जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ प्रकल्प के
अन्तर्गत स्वच्छता अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य
उद्देश्य महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाना तथा विद्यार्थियों
में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रसार करना था। यह
सम्पूर्ण कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार जी के कुशल मार्गदर्शन
एवं संरक्षण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल संयोजन एवं संचालन मनोज कुमार गिरि
द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार
जी ने स्वच्छता के सामाजिक, सांस्कृतिक और वैदिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान या एक दिन का
कार्यक्रम नहीं है, अपितु यह हमारी दैनिक जीवनशैली, चिंतन और संस्कारों का अभिन्न अंग
होनी चाहिए। हमारी सनातन एवं संस्कृत परंपरा में स्वच्छता और पवित्रता को सर्वोच्च
स्थान दिया गया है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ अर्थात् धर्म
और कर्म का साधन यह शरीर है, और इसे स्वस्थ व स्वच्छ रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है।
शिक्षा मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित यह ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ युवाओं को
अपनी नैतिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का एक अत्यन्त प्रशंसनीय प्रयास है। जब तक हमारा
परिसर और विचार स्वच्छ नहीं होंगे, तब तक विद्या का वास्तविक प्रकाश प्रसारित नहीं हो
सकता। एक स्वच्छ वातावरण ही सकारात्मक ऊर्जा, उच्च विचारों और बौद्धिक विकास का
सृजन करता है। मैं महाविद्यालय के सभी विद्यार्थियों, आचार्यों एवं कर्मचारियों से यह
आह्वान करता हूँ कि वे इस अभियान को केवल महाविद्यालय परिसर तक सीमित न
रखकर अपने घर, मोहल्ले और समाज में भी स्वच्छता की अलख जगाएं।
डॉ. रवीन्द्र कुमार जी के संबोधन के पश्चात् महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों
एवं विद्यार्थियों ने हाथों में झाड़ू और सफाई उपकरण लेकर पूरे महाविद्यालय परिसर,
कक्षाओं, पुस्तकालय एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाकर श्रमदान
किया।
कार्यक्रम के संयोजक मनोज कुमार गिरि ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की इस
पहल की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिवार निरन्तर परिसर को स्वच्छ,
सुन्दर और हरित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए
सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
